श्री क्षेत्र

त्र्यंबकेश्वर

मुख्य पान नारायण नागबली कालसर्प दोष निवारण त्रिपिंडी श्राद्ध आदि पूजा त्रंबकेश्वर में कीजिए

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त्रंबकेश्वर के बारे में जानकारी

श्री त्रिंबकेश्वर भगवान मंदिर नासिक शहर से करीब 28 किलोमीटर की दूरी परस्थित है यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग का है भारत देश में 12 ज्योतिर्लिंगों का सबसे ज्यादा पूजन होता है उनमें त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का बड़ा महत्व है पुराना में ऐसा वर्णन है कि गौतम ऋषि तथा सभी देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव ने इस स्थान पर निवास करने का निश्चय किया यहां निवास करने पर भगवान शिव को त्रंबकेश्वर त्रंबकेश्वर के नाम से जाना गया .मंदिर के पास ब्रम्हगिरी नामक पर्वत से प्रसिद्ध गोदावरी नदी का उद्गम स्थान है उत्तर भारत में जितना गंगा नदी का महत्व उतना ही दक्षिण में गोदावरी का है.

ऋषि श्रेष्ठ गौतम जी की तपस्या के फलस्वरूप यहां से गोदावरी प्रवाहित हुई है ऐसे जाना जाता है बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश करने पर त्रंबकेश्वर में कुंभ मेला संपन्न होता है गौतमी गंगा का स्नान तथा भगवान त्रंबकेश्वर का दर्शन करना यह बड़ा पुण्य का कार्य समझा जाता है यह कार्य पूर्ण करने करके श्रद्धालु जन अपने आप को कृतार्थ मानते हैं तंबौर में विराजित ज्योतिर्लिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भगवान ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों एक ही रूप में विराजित है भगवान क्योंकि इस मंदिर से काफी लोगों की आस्था तथा भक्ति जुड़ी है इतिहासकारों के जानकारी से यह माना गया है कि भगवान शिव के मंदिर का निर्माण एक शर्त के अनुसार पेशवा ने करवाया था शिव मंदिर काले पत्थरों से बना है और इसकी स्थापत्य कला आकर्षक और अद्वितीय है.

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पूजा सेवाएं

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हमारे ग्राहक हमसे प्यार करते हैं! नीचे पढ़ें उनका क्या कहना है। अलिकम सेड जस्टो लिगुला। वेस्टिबुलम निभ इरेट, पेलेंटेस्क और लॉरेट विटे।

यह स्थान बहुत ही आध्यात्मिक स्थान है । मुझे यह जगह पसंद हैं । और सभी को यहाँ आना चाहिए

अमोल इम्पाल नासिक

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निखिल भालेराव नासिक

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कैलाश अयेर नासिक

ब्लॉग

wqewqe

2021-11-07 23:35:51

भगवान शिवशंकराच्या आराधनेचं महत्व

2021-10-07 16:32:11

भगवान शिवशंकराच्या आराधनेचं महत्व

2021-10-07 16:32:24

भगवान शिवशंकराच्या आराधनेचं महत्व

2021-10-07 16:32:39

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2021-10-07 16:33:02

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घूमने के स्थान

त्रंबकेश्वर मंदिर के पास तीन पर्वत स्थित है यह नीलगिरी ब्रम्हगिरी और गंगाद्वार के नाम से जाने जाते हैं. त्रंबकेश्वर में महत्वपूर्ण स्थान

गंगाद्वार

यह स्थान रणागिरी के नीचे स्थित है यहां गंगा जी का पुतला स्थिति है.

कुशावती तीर्थ

एक अत्यंत पवित्र तीर्थ में स्नान करने पर सभी पापों से मुक्ति मिलती है ऐसा कहा जाता है.

वराह कुंड

दैत्य हिरण्याक्ष के वध करने के बाद भगवान विष्णु जी के कुंड में स्नान किया था तब भगवान विष्णु जी ने बड़ा रूप धारण किया था इसी के कारण इस स्थल को उनके नाम से जाना जाता है .

गौतम तीर्थ

गौतम तीर्थ त्रिंबकेश्वर मंदिर के दक्षिण में स्थित है ऋषि गौतम जी से खुश होकर भगवान वरुण ने यह तीर्थ पाने के निरंतर शोध के रूप में प्रदान किया था इंद्र तीर्थ तारक का निर्माण इस मिशन 1700 किया था इसी के बाजू में भगवान इंद्र का मंदिर स्थित है .

इंद्र तीर्थ

इस तालाब का निर्माण इ.स . 1700 किया था इसी के बाजू में भगवान इंद्र का मंदिर स्थित है .

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  • Shri. Mahendra (Balasaheb) Bapuji Dharane Shri. Nikhil Mahendra Dharane
    180, Nathkrupa, Main Road, Trimbakeshwar,
    Tal - Trimbakeshwar, Dist - Nashik -422212 MH.
  • +91 9763437371, +91 9822432835, +91 2594 233091
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